का सरल उत्तर
'ॐ नमः शिवाय' का 10 लाख बार जप करना एक 'पुरश्चरण' अनुष्ठान है। नियमपूर्वक इसे पूर्ण करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है और साधक को भगवान शिव की प्रत्यक्ष कृपा प्राप्त होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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