का सरल उत्तर
ईशावास्य शांति मंत्र: वह (ब्रह्म) पूर्ण, यह (जगत/आत्मा) भी पूर्ण। पूर्ण से पूर्ण निकालें = पूर्ण शेष (∞-∞=∞)। अर्थ: ब्रह्म अनंत, सृष्टि ब्रह्म से भिन्न नहीं, आत्मा = ब्रह्म = पूर्ण। व्यावहारिक: आप जन्मजात पूर्ण हैं — बाहर से कुछ जोड़ने की आवश्यकता नहीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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