का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार जिसने अनेक पाप किए हैं, उसे हर पाप के लिए अलग नरक भोगना पड़ता है। एक नरक समाप्त होने पर अगले पाप का फल अगले नरक में मिलता है — यह क्रम पाप-क्षय होने तक चलता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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