का सरल उत्तर
पारद के कुल 18 (अष्टादश) संस्कार होते हैं — लेकिन रसरत्नसमुच्चय के अनुसार पहले 8 (अष्ट) संस्कार ही देहसिद्धि और शिवलिंग निर्माण के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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