का सरल उत्तर
पारद शिवलिंग = पारा + जड़ी-बूटी (रसशास्त्र विधि)। पूजा = 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का पुण्य। विशेष मंत्र: 'ॐ मृत्युभजाय नमः', 'ॐ नीलकंठाय नमः'। सफेद आसन, ईशान कोण में मुख, दाहिनी ओर घी का दीपक। तांत्रिक महत्व सर्वोच्च। नकली से सावधान — असली भारी और शीतल होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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