का सरल उत्तर
पाशुपतास्त्र धनुष से बाण की तरह, मन के संकल्प से, दृष्टि मात्र से, या शब्दों के उच्चारण — किसी भी तरीके से चलाया जा सकता था।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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