का सरल उत्तर
शारीरिक ऊर्जा के प्रवाह और शुद्धि के कारण बाह्य पूजा वर्जित है, लेकिन मानसिक जप किया जा सकता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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