पिण्ड-ब्रह्माण्ड तादात्म्य में महर्लोक की ग्रीवा स्थिति का गूढ़ अर्थ क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महर्लोक की ग्रीवा स्थिति का गूढ़ अर्थ — जैसे गर्दन धड़ और सिर को जोड़ती है वैसे ही महर्लोक भौतिक और आध्यात्मिक लोकों को जोड़ता है। यह विशुद्ध चक्र (सत्य का द्वार) का ब्रह्मांडीय समकक्ष है।
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