पितामह को रुद्र स्वरूप क्यों माना जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पितामह दूसरी पीढ़ी है और पितृ यात्रा के सूक्ष्म प्राणिक स्तर का प्रतिनिधि है, इसलिए उसे रुद्र स्वरूप कहा गया है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
लोक
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।