का सरल उत्तर
पितर प्रसन्न होकर वंशज को आठ अमूल्य संपदाएं प्रदान करते हैं। ये हैं दीर्घ आयु, सुयोग्य संतान, प्रचुर संपत्ति, श्रेष्ठ ज्ञान, मरणोपरांत स्वर्ग, अंतिम मुक्ति, सभी प्रकार के लौकिक सुख, और राज्य-सत्ता। याज्ञवल्क्य स्मृति में इनका विस्तार से वर्णन है। ये संपदाएं अमूल्य हैं, अर्थात् किसी भी मूल्य से नहीं खरीदी जा सकतीं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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