पूजा के दौरान क्या सोचें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पूजा में सोचें: कृतज्ञता ('आपने इतना दिया'), समर्पण ('सब आपका है'), इष्ट देव का स्वरूप — चरण से मुकुट तक। गीता 9.34: 'मुझमें मन लगाओ।' बालक का भाव — माँ-बाप के सामने। व्यापार-समस्या-जल्दी — पूजा में नहीं।
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