विस्तृत उत्तर
पूजा के दौरान मन में क्या रखें — इसका वर्णन भागवत पुराण और भगवद् गीता में मिलता है:
भगवद् गीता (9.34)
> 'मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।
> मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः।'
— मुझमें मन लगाओ, मेरे भक्त बनो, मेरी पूजा करो, मुझे नमस्कार करो — ऐसा करने वाला मुझे प्राप्त होगा।
पूजा के दौरान मन में
1कृतज्ञता
हे भगवान, आपने मुझे जीवन, परिवार, स्वास्थ्य दिया — धन्यवाद।
2समर्पण
मेरा सब कुछ — मन, शरीर, कर्म — आपको अर्पित है।
3देव का स्वरूप
इष्ट देव का सुंदर स्वरूप मन में देखें। प्रत्येक अंग को देखें — चरण से मुकुट तक।
4मंत्र का अर्थ
जो मंत्र बोल रहे हों, उसका अर्थ मन में रखें।
5बच्चे का भाव
माता-पिता के सामने बालक का भाव — निर्भय, निश्चिंत, प्रेमपूर्ण।
क्या न सोचें
- ▸व्यापार, पैसे, समस्याएं
- ▸दूसरों की बुराई
- ▸पूजा की जल्दी





