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ध्यान विधि📜 भगवद् गीता (6.26), पातंजल योग सूत्र, भागवत पुराण2 मिनट पठन

पूजा के समय मन को शांत कैसे रखें?

संक्षिप्त उत्तर

मन शांत करने के उपाय: पूजा से पहले 2-3 मिनट शांत बैठें, तीन गहरी साँसें। पूजा में: मंत्र का अर्थ सोचते जपें, मूर्ति को ध्यान से देखें, धीरे-धीरे करें। भाव: बच्चे की तरह देवता के सामने। गीता 6.26: 'मन जहाँ जाए, वहाँ से खींचकर आत्मा में लाओ।'

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विस्तृत उत्तर

पूजा के समय मन को शांत रखने के उपाय भगवद् गीता और पातंजल योग सूत्र में वर्णित हैं:

भगवद् गीता (6.26)

> 'यतो यतो निश्चरति मनश्चञ्चलमस्थिरम्।

> ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत्।'

— जहाँ-जहाँ चंचल मन जाए, वहाँ-वहाँ से खींचकर आत्मा में ले आओ।

व्यावहारिक उपाय

1पूजा से पहले

  • 2-3 मिनट शांत बैठें
  • तीन गहरी साँसें लें
  • मोबाइल दूर रखें
  • पूजा की सामग्री पहले व्यवस्थित करें

2पूजा के दौरान

  • मंत्र का अर्थ सोचते हुए बोलें
  • भगवान की मूर्ति को ध्यान से देखें (त्राटक)
  • प्रत्येक क्रिया धीरे-धीरे करें — जल्दबाजी नहीं
  • यदि मन भटके — मंत्र पर वापस लाएं

3भाव जगाना

  • अपने आप को देवता के सामने बच्चे की तरह महसूस करें
  • 'मेरा सब कुछ आपका है' — यह भाव
  • कृतज्ञता — 'मुझे इतना सब दिया'

पातंजल योग

अभ्यासवैराग्याभ्यां तन्निरोधः' — अभ्यास और वैराग्य से मन नियंत्रित होता है।
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शास्त्रीय स्रोत
भगवद् गीता (6.26), पातंजल योग सूत्र, भागवत पुराण
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