विस्तृत उत्तर
पूजा के समय मन को शांत रखने के उपाय भगवद् गीता और पातंजल योग सूत्र में वर्णित हैं:
भगवद् गीता (6.26)
> 'यतो यतो निश्चरति मनश्चञ्चलमस्थिरम्।
> ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत्।'
— जहाँ-जहाँ चंचल मन जाए, वहाँ-वहाँ से खींचकर आत्मा में ले आओ।
व्यावहारिक उपाय
1पूजा से पहले
- ▸2-3 मिनट शांत बैठें
- ▸तीन गहरी साँसें लें
- ▸मोबाइल दूर रखें
- ▸पूजा की सामग्री पहले व्यवस्थित करें
2पूजा के दौरान
- ▸मंत्र का अर्थ सोचते हुए बोलें
- ▸भगवान की मूर्ति को ध्यान से देखें (त्राटक)
- ▸प्रत्येक क्रिया धीरे-धीरे करें — जल्दबाजी नहीं
- ▸यदि मन भटके — मंत्र पर वापस लाएं
3भाव जगाना
- ▸अपने आप को देवता के सामने बच्चे की तरह महसूस करें
- ▸'मेरा सब कुछ आपका है' — यह भाव
- ▸कृतज्ञता — 'मुझे इतना सब दिया'
पातंजल योग
अभ्यासवैराग्याभ्यां तन्निरोधः' — अभ्यास और वैराग्य से मन नियंत्रित होता है।





