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ध्यान विधि📜 भगवद् गीता (6.26, 12.6-7), पातंजल योग सूत्र1 मिनट पठन

पूजा के दौरान मन शांत कैसे रखें?

संक्षिप्त उत्तर

मन शांत उपाय: मन भटके तो गहरी साँस लें, मंत्र की आवृत्ति बढ़ाएं, मूर्ति का चेहरा देखें। गीता 6.26: 'मन जहाँ जाए — खींचकर वापस लाओ — यही अभ्यास है।' दीर्घकालिक: नित्य एक ही समय पूजा, पहले 2 मिनट शांत बैठें।

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विस्तृत उत्तर

पूजा में मन शांत रखने के उपाय गीता और पातंजल योग में वर्णित हैं:

तत्काल उपाय

  1. 1श्वास: जब मन भटके — गहरी साँस लें। श्वास पर ध्यान देते ही मन वर्तमान में आ जाता है।
  1. 1मंत्र: मन भटके तो इष्ट मंत्र की आवृत्ति बढ़ा दें — मन को मंत्र में लगाएं।
  1. 1मूर्ति दर्शन: आँखें खोलकर भगवान की मूर्ति के चेहरे को देखें — 'त्राटक' ध्यान।
  1. 1भाव: 'मैं भगवान के सामने हूँ' — यह भाव जगाएं। लज्जा और प्रेम दोनों मन को एकाग्र करते हैं।

गीता (6.26)

यतो यतो निश्चरति मनश्चञ्चलमस्थिरम्। ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत्।

— जहाँ-जहाँ मन जाए, वहाँ से खींचकर वापस लाओ। यही अभ्यास है।

दीर्घकालिक उपाय

  • प्रतिदिन पूजा — मन धीरे-धीरे अभ्यस्त होता है
  • पूजा का समय निश्चित करें
  • पूजा से पहले 2 मिनट शांत बैठें
  • मोबाइल नोटिफिकेशन बंद रखें
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शास्त्रीय स्रोत
भगवद् गीता (6.26, 12.6-7), पातंजल योग सूत्र
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