विस्तृत उत्तर
पूजा में मन शांत रखने के उपाय गीता और पातंजल योग में वर्णित हैं:
तत्काल उपाय
- 1श्वास: जब मन भटके — गहरी साँस लें। श्वास पर ध्यान देते ही मन वर्तमान में आ जाता है।
- 1मंत्र: मन भटके तो इष्ट मंत्र की आवृत्ति बढ़ा दें — मन को मंत्र में लगाएं।
- 1मूर्ति दर्शन: आँखें खोलकर भगवान की मूर्ति के चेहरे को देखें — 'त्राटक' ध्यान।
- 1भाव: 'मैं भगवान के सामने हूँ' — यह भाव जगाएं। लज्जा और प्रेम दोनों मन को एकाग्र करते हैं।
गीता (6.26)
यतो यतो निश्चरति मनश्चञ्चलमस्थिरम्। ततस्ततो नियम्यैतदात्मन्येव वशं नयेत्।
— जहाँ-जहाँ मन जाए, वहाँ से खींचकर वापस लाओ। यही अभ्यास है।
दीर्घकालिक उपाय
- ▸प्रतिदिन पूजा — मन धीरे-धीरे अभ्यस्त होता है
- ▸पूजा का समय निश्चित करें
- ▸पूजा से पहले 2 मिनट शांत बैठें
- ▸मोबाइल नोटिफिकेशन बंद रखें





