पूजा के दौरान मौन क्यों रखा जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मौन क्यों: गीता 17.16 — मौन मानस तप का अंग। बोलने की ऊर्जा भक्ति में लगती है। मन देव पर केंद्रित रहता है। पतंजलि: प्रत्याहार (इंद्रिय निग्रह) का प्रारंभ। जप के बाद कुछ क्षण मौन में बैठें — आंतरिक नाद सुनें।
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