का सरल उत्तर
मंत्र क्यों: मंत्र देवता का स्वरूप है — बोलने से देवता आह्वान होते हैं। संस्कृत ध्वनि तरंगें मस्तिष्क सक्रिय करती हैं। मन एकाग्र होता है। वातावरण शुद्ध होता है। गीता: मंत्र जप तप का अंग। 'ॐ इत्येतदक्षरमिदं सर्वम्' (मंडूक्य उपनिषद)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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