का सरल उत्तर
गंगाजल उपयोग: आचमन (3 बार दाहिनी हथेली में), सामान्य जल में एक बूँद मिलाएं, मूर्ति अभिषेक, पूजा स्थान छिड़काव, कलश में। ताँबे के बर्तन में रखें — वर्षों शुद्ध। गंगा पुराण: 'स्पर्श मात्र से पाप नष्ट।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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