पूजा में कपूर क्यों जलाते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कपूर क्यों: आत्मा का प्रतीक — जैसे कपूर बिना अवशेष के जलता है, आत्मा परमात्मा में विलीन। अहंकार दहन। वातावरण शुद्धि (आयुर्वेद: बैक्टीरिया नाश)। आरती में शुद्ध सफेद लौ। 'कोई अवशेष नहीं' = निःस्वार्थ समर्पण।
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