का सरल उत्तर
प्राचीन काल में दिव्यास्त्र भौतिक नहीं, बल्कि ऊर्जा आधारित थे। योद्धा विशिष्ट मंत्रों की ध्वनि तरंगों और अपनी संकल्प शक्ति से एक साधारण बाण या तिनके में परमाणु ऊर्जा का संचार कर उसे अस्त्र बना देते थे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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