का सरल उत्तर
प्रदोष: त्रयोदशी (दोनों पक्ष)। दिनभर उपवास → प्रदोष काल (सूर्यास्त + ~2.5 घंटे) में शिवलिंग अभिषेक + बिल्वपत्र + 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार। सोम प्रदोष = अत्यन्त शुभ, शनि प्रदोष = शनि दोष निवारण। शिव पुराण में माहात्म्य।
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