प्रमातामही को आदित्य स्वरूपा क्यों माना जाता है?
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सरल उत्तर
मातृ वंश की तीसरी पीढ़ी प्रमातामही है, इसलिए वह प्रपितामह की तरह आदित्य स्वरूपा मानी जाती है।
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