प्रपितामह के तर्पण में आदित्यरूप क्यों कहा जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
प्रपितामह तीसरी पीढ़ी और उच्चतम प्रकाशमय पितृ अवस्था है, इसलिए तर्पण में उसे आदित्यरूप कहा जाता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
लोक
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।