का सरल उत्तर
करदर्शन: 'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।' फिर भूमि स्पर्श: 'समुद्रवसने देवि... पादस्पर्शं क्षमस्व मे।' क्रम: करदर्शन → भूमि प्रार्थना → शौच → स्नान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।