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सरल उत्तर

प्रयागराज त्रिवेणी संगम स्नान का पुण्य

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तीर्थराज; गंगा+यमुना+सरस्वती संगम। स्नान = 1000 अश्वमेध तुल्य। अस्थि विसर्जन/पिंडदान सर्वोत्तम। संकल्प→3 डुबकी→तर्पण→दान। नाव से संगम बिंदु। माघ मेला/कुंभ विशेष।

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सरल उत्तर: प्रयागराज त्रिवेणी संगम स्नान का पुण्य