का सरल उत्तर
नहीं। गीता(2.47): कर्म(पढ़ाई)=अनिवार्य। पूजा=शांति+एकाग्रता+बुद्धि, पर पढ़ाई का विकल्प नहीं। कृष्ण ने अर्जुन से कहा=लड़ो(कर्म करो)। पढ़ाई+पूजा=सर्वश्रेष्ठ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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