का सरल उत्तर
आसन पर बैठते समय 'ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका...' मंत्र से आसन-शुद्धि करें। इसके बाद 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र से जल छिड़ककर स्वयं और पूजा सामग्री को शुद्ध करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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