का सरल उत्तर
मूर्ति टूटी नहीं हो तो पंचामृत से स्नान कराकर पुनः स्थापित करें। टूट जाए (खंडित हो) तो उसे नदी में विसर्जित करें, भगवान से क्षमा माँगें और नई मूर्ति स्थापित करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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