का सरल उत्तर
क्षमा मंत्र: 'मंत्र हीनं, क्रिया हीनं, भक्ति हीनं... परिपूर्णं तदस्तुते।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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