ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

असितांग भैरव पुरश्चरण के बाद क्या करना चाहिए?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

असितांग भैरव पुरश्चरण के बाद दशांश हवन (यज्ञ) अनिवार्य है — यह असाध्य रोगों के निवारण के लिए विशेष रूप से कल्याणकर है।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
साधना विधि और नियम

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।