असितांग भैरव पुरश्चरण के बाद क्या करना चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
असितांग भैरव पुरश्चरण के बाद दशांश हवन (यज्ञ) अनिवार्य है — यह असाध्य रोगों के निवारण के लिए विशेष रूप से कल्याणकर है।
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साधना विधि और नियम
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