ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

पुरश्चरण में जप-हवन-तर्पण-मार्जन का क्या क्रम है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

5 अंग: जप(मूल)→हवन(÷10)→तर्पण(÷10)→मार्जन(÷10)→भोजन/दान(÷10)। सवा लाख: 1,25,000→12,500→1,250→125→~13। पुरश्चरण = मंत्र सिद्धि — बिना = अपूर्ण।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
मंत्र जप विधि

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।