का सरल उत्तर
यह व्रत मानसिक शांति, मनोकामनाओं की पूर्ति और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए किया जाता है। कलयुग में भगवान सत्यनारायण की कृपा पाने के लिए यह सबसे उत्तम व्रत है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।