पूर्णिमा की रात्रि में सोमानंदीश्वर शिवलिंग पर दुग्धाभिषेक का क्या तांत्रिक और शास्त्रीय महत्त्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पूर्णिमा की रात्रि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के ऊर्ध्वगमन और चंद्र-तत्त्व की पूर्णता का समय है। तंत्र-शास्त्रों के अनुसार इस रात्रि यहाँ कच्चे दूध से अभिषेक करने पर अनिद्रा, अवसाद और अज्ञात भय दूर होते हैं।
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