का सरल उत्तर
सुबह तिल और आंवले के जल से नहाकर संकल्प लें। शाम को कलश स्थापित कर भगवान सत्यनारायण की 16 तरीकों से पूजा करें, कथा पढ़ें और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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