का सरल उत्तर
मंत्र पुष्पांजलि वेदमंत्रों का वह संग्रह है जो आरती के बाद देवता को पुष्प अर्पित करते हुए पढ़ा जाता है। 'ॐ यज्ञेन यज्ञमयजन्त देवाः...' से आरम्भ होकर चार श्लोकों में यह यज्ञ-महिमा, कुबेर-स्तुति और राज्य-कल्याण की प्रार्थना करता है। इसके बाद 'मंत्रपुष्पांजलिं समर्पयामि' कहकर पूजा पूर्ण मानी जाती है।
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