का सरल उत्तर
राधा-कृष्ण प्रेम पूर्णतः आध्यात्मिक — राधा = ह्लादिनी शक्ति/जीवात्मा, कृष्ण = परमात्मा। यह सांसारिक प्रेम (possession) नहीं बल्कि निःस्वार्थ विरह भक्ति है। विरह = आत्मा की ईश्वर-मिलन व्याकुलता। चैतन्य परंपरा: अप्राकृत (अलौकिक) प्रेम।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।