का सरल उत्तर
राहु शांति: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18000 जप → दूर्वा समिधा से हवन → नाग पूजा → दान (काला वस्त्र, सरसों, उड़द, नारियल) → दुर्गा सप्तशती पाठ → राहुकाल में नारियल जल-प्रवाह। सर्प दोष हेतु नागबलि।
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