का सरल उत्तर
राखी मंत्र: 'येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।' अर्थ: जिससे बलि बाँधे गए, उसी से बाँधता हूँ — अडिग रहना। विधि: तिलक → मंत्र → दाहिनी कलाई → मिठाई। भद्रा में वर्जित।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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