का सरल उत्तर
घोर अहंकार, क्रूरता, यज्ञ-विरोध, ऋषि-हत्या, पर-स्त्री हरण, छल-कपट और भगवद्-द्वेष से राक्षस योनि मिलती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।