का सरल उत्तर
वाल्मीकि रामायण में राम के तरकश का विशेष नाम स्पष्ट नहीं है। परवर्ती परंपराओं में इसे 'अक्षय तूणीर' कहते हैं — जिसमें बाण कभी समाप्त नहीं होते। धनुष का नाम कोदंड था।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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