तुलसीदासजी ने राम नाम को निर्गुण और सगुण दोनों से कैसे बड़ा बताया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तुलसीदासजी ने कहा कि राम नाम निर्गुण और सगुण दोनों के बीच 'सुन्दर साक्षी' और 'चतुर दुभाषिया' है — दोनों का ज्ञान कराने वाला। रूप नाम के अधीन है, नाम के बिना रूप का ज्ञान नहीं हो सकता।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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