का सरल उत्तर
रामधुन 'श्री राम जय राम जय जय राम' का तुलसी-माला पर 108 बार जप करें। 'राम नाम सत्य है' — मृत्यु-चेतना और अनित्यता के स्मरण के लिए जपें। दोनों प्रातःकाल और संध्याकाल में करना उत्तम है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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