का सरल उत्तर
रत्न सिद्धि की प्रक्रिया का प्राण 'देवी मंत्र' हैं — मंत्र उस देवी की साक्षात् शक्ति है जो जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करके रत्न को सिद्ध और चैतन्ययुक्त बनाती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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