विस्तृत उत्तर
इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का प्राण हैं 'देवी मंत्र'।
देवी मंत्र एक सामान्य रत्न को सिद्ध और चैतन्य युक्त बना देते हैं।
मंत्र, उस देवी की साक्षात् शक्ति है जो जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करने में सक्षम है। इसी को 'मंत्र चैतन्य' कहते हैं।
रत्न सिद्धि की प्रक्रिया का प्राण 'देवी मंत्र' हैं — मंत्र उस देवी की साक्षात् शक्ति है जो जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करके रत्न को सिद्ध और चैतन्ययुक्त बनाती है।
इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का प्राण हैं 'देवी मंत्र'।
देवी मंत्र एक सामान्य रत्न को सिद्ध और चैतन्य युक्त बना देते हैं।
मंत्र, उस देवी की साक्षात् शक्ति है जो जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करने में सक्षम है। इसी को 'मंत्र चैतन्य' कहते हैं।
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