विस्तृत उत्तर
प्रत्येक देवी-देवता उस परब्रह्म की एक विशिष्ट शक्ति के स्वरूप हैं और उनका मंत्र कोई साधारण शब्द-समूह नहीं, बल्कि स्वयं उनका ध्वनि-स्वरूप है।
जब हम किसी देवी का मंत्र जपते हैं, तो हम वास्तव में उनकी चेतना की आवृत्ति का आवाहन करते हैं।
मंत्र, उस देवी की साक्षात् शक्ति है जो जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करने में सक्षम है।