विस्तृत उत्तर
ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का प्रयोग केवल ग्रहों की शांति के लिए नहीं होता, अपितु यह एक गूढ़ तांत्रिक प्रक्रिया है जिसे 'रत्न सिद्धि' या 'रत्ननिवेश' कहा जाता है।
यह जड़ प्रतीत होने वाले पाषाण में दिव्य चेतना के आवाहन का विज्ञान है।
इस सम्पूर्ण प्रक्रिया का प्राण हैं 'देवी मंत्र'। देवी मंत्र एक सामान्य रत्न को सिद्ध और चैतन्य युक्त बना देते हैं।
रत्न सिद्धि कोई अंधविश्वास या केवल परम्परा नहीं, बल्कि यह सनातन धर्म का एक गूढ़ विज्ञान है।





