सरस्वती रहस्य उपनिषद'ऐं' बीज मंत्र का क्या महत्व है?सरस्वती रहस्य उपनिषद श्लोक 12: 'ऐं' पवित्र अक्षर ब्रह्मांडीय शक्ति को समेटे हुए है और साधक को सीधे दिव्य चेतना से जोड़ता है। 'ऐं' के निरंतर ध्यान और मौन साधना से आत्मा का उद्घाटन होता है।#ऐं बीज मंत्र#ब्रह्मांडीय शक्ति#दिव्य चेतना
तांत्रिक विश्व दृष्टि और तीन भावतंत्र शास्त्र में पवित्र और अपवित्र का भेद क्यों नहीं है?तंत्र के अनुसार सम्पूर्ण ब्रह्मांड शिव-शक्ति का रूप है — सब कुछ दिव्य चेतना से बना है इसलिए कुछ भी अपवित्र नहीं। पवित्र-अपवित्र का भेद अज्ञान (अविद्या) की उपज है।
रत्न सिद्धि परिचयरत्न सिद्धि क्या है?रत्न सिद्धि (रत्ननिवेश) एक गूढ़ तांत्रिक प्रक्रिया है जिसमें देवी मंत्रों द्वारा जड़ पाषाण (रत्न) में दिव्य चेतना का आवाहन किया जाता है — यह सनातन धर्म का गूढ़ विज्ञान है।#रत्न सिद्धि#रत्ननिवेश#दिव्य चेतना