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सरल उत्तर

ऋग्वेद के 'देवी सूक्तम्' में क्या कहा गया है?

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ऋग्वेद (10.125) — 'देवी सूक्तम्' या 'वाक् आम्भृणी सूक्त': महर्षि अम्भृण की पुत्री वाक् ऋषिका ने आत्म-साक्षात्कार में घोषणा की: 'मैं ही ब्रह्मांड की शासिका, वसु-रुद्र-आदित्यों को धारण करने वाली हूँ।' ब्रह्मांड की मूल ऊर्जा चेतनामय स्त्री-तत्त्व है।

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वैदिक साहित्य में माँ दुर्गा

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