का सरल उत्तर
बिना शर्त प्रेम। नवधा भक्ति (श्रवण→आत्मनिवेदन)। कुछ न मांगना, कृतज्ञता, सुख-दुख समान, दिखावा नहीं, सेवा में भगवान। मीरा/हनुमान/प्रह्लाद। गीता: ज्ञानी+प्रेमी दोनों प्रिय।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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