का सरल उत्तर
सनातन धर्म में स्वर्ण, रजत और ताम्र केवल भौतिक पदार्थ नहीं बल्कि दिव्य शक्तियों और ग्रहों की ऊर्जाओं की स्थूल अभिव्यक्ति हैं — इनका शास्त्रोक्त प्रयोग ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं से सामंजस्य का आध्यात्मिक विज्ञान है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।