का सरल उत्तर
सनातन धर्म शाश्वत, अपौरुषेय (किसी एक के द्वारा नहीं बनाया) जीवन दर्शन है। इसकी विशेषताएं: वेद प्रामाण्य, 'एकं सद् विप्रा बहुधा वदंति' (सत्य एक — मार्ग अनेक), चार पुरुषार्थ (धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष), कर्म-पुनर्जन्म और 'वसुधैव कुटुम्बकम्'।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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